About Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी के बारे में -: महात्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ तथा उनकी मृत्यु 30 जनवरी 1948 को हुयी थी. गांधीजी अपने जीवन में एक भारतीय वकील, उपनिवेशवाद-विरोधी राष्ट्रवादी और राजनीतिक नैतिकतावादी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन से भारत की स्वतंत्रता के लिए सफल अभियान का नेतृत्व करने के लिए अहिंसक प्रतिरोध का इस्तेमाल किया और बदले में दुनिया भर में नागरिक अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए आंदोलनों को प्रेरित किया। सम्मानित महात्मा (संस्कृत: “महान-आत्मा”, “आदरणीय”), जो पहली बार 1914 में दक्षिण अफ्रीका में उनके लिए उपयोग किया गया था, अब दुनिया भर में उपयोग किया जाता है। आइये हम इस महात्मा के बारे में और भी जानकारियां साझा करते हैं -:

About Mahatma Gandhi

महात्मा गांधी की जीवनी -:

नाममोहनदास करमचंद गांधी
पिता का नामकरमचंद गांधी
माता का नामपुतलीबाई
जन्म दिनांक2 अक्टूबर, 1869
जन्म स्थानगुजरात के पोरबंदर क्षेत्र में (जिसको सुदामापुरी के नाम से भी जाना जाता है)
राष्ट्रीयताभारतीय
धर्महिन्दू
जातिगुजराती
शिक्षाबैरिस्टर [वकालत]
पत्नि का नामकस्तूरबाई माखंजी कपाड़िया [कस्तूरबा गांधी]
संतान बेटा बेटी का नाम4 पुत्र -: हरिलाल, मणिलाल, रामदास, देवदास
मृत्यु30 जनवरी 1948
मृत्यु स्थान 
हत्यारे का नामनाथूराम गोडसे

महात्मा गांधी का जन्म, जाति, परिवार, पत्नी, बेटे 

महात्मा गांधी का जन्म भारत के गुजरात राज्य के पोरबंदर क्षेत्र में हुआ था. उनके पिता श्री करमचंद गांधी पोरबंदर के ‘दीवान’ थे और माता पुतलीबाई एक धार्मिक महिला थी. गांधी जी एक गुजराती परिवार से संबंध रखते थे. इनकी पत्नी का नाम कस्तूरबा गांधी था. महात्मा गांधी जी के 4 बेटे थे हरिलाल, मणिलाल, रामदास, देवदास.

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गाँधी जी और उनकी पत्नी कस्तूरबा गाँधी

महात्मा गांधी का प्रारंभिक जीवन 

गांधीजी के जीवन में उनकी माता का बहुत अधिक प्रभाव रहा. उनका विवाह 13 वर्ष की उम्र में ही हो गया था और उस समय कस्तूरबा 14 वर्ष की थी. नवंबर, सन 1887 में उन्होंने अपनी मेट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण [पास] कर ली थी और जनवरी, सन 1888 में उन्होंने भावनगर के सामलदास कॉलेज में दाखिला लिया था और यहाँ से डिग्री प्राप्त की. इसके बाद वे लंदन गये और वहाँ से बेरिस्टर बनकर लौटे.

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महात्मा गाँधी के बारे में – जीवन परिचय माता-पिता, पत्नी, बेटा -बेटी, हत्यारे का नाम, जन्म- मृत्यु, आंदोलनों के नाम

 

महात्मा गांधी की दक्षिण अफ्रीका यात्रा 

सन 1894 में किसी क़ानूनी विवाद के संबंध में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका गये थे और वहाँ होने वाले अन्याय के खिलाफ ‘अवज्ञा आंदोलन [Disobedience Movement]’ चलाया और इसके पूर्ण होने के बाद भारत लौटे.

महात्मा गांधी का भारत आगमन और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेना

सन 1916 में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस लौटे और फिर हमारे देश की आज़ादी के लिए अपने कदम उठाना शुरू किया. सन 1920 में कांग्रेस लीडर बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु के बाद गांधीजी ही कांग्रेस के मार्गदर्शक थे.  

सन 1914 – 1919 के बीच जो प्रथम विश्व युध्द [1st World War] हुआ था, उसमें गांधीजी ने ब्रिटिश सरकार को इस शर्त पर पूर्ण सहयोग दिया, कि इसके बाद वे भारत को आज़ाद कर देंगे. परन्तु जब अंग्रेजों ने ऐसा नहीं किया, तो फिर गांधीजी ने देश को आज़ादी दिलाने के लिए बहुत से आंदोलन चलाये. वैसे तो गांधीजी का संपूर्ण जीवन ही एक आंदोलन की तरह रहा. परन्तु उनके द्वारा मुख्य रूप से 5 आंदोलन चलाये गये, जिनमें से 3 आंदोलन संपूर्ण राष्ट्र में चलाये गए और बहुत सफल हुए और इसलिए लोग इनके बारे में जानकारी भी रखते हैं. गांधीजी द्वारा चलाये गये इन सभी आन्दोलनों को हम निम्न प्रकार से वर्गीकृत कर सकते हैं -:

महात्मा गांधी आंदोलन लिस्ट (सूची) 

इन सभी आंदोलनों का वर्षानुसार वर्णन निम्न प्रकार से दिया जा रहा हैं –

सन 1918 में : चंपारण और खेडा आन्दोलन हिंदी में

सन 1919 में : खिलाफत आन्दोलन हिंदी में

सन 1920 में : असहयोग आंदोलन हिंदी में

सन 1920 में : चौरी-चौरा कांड हिंदी में

सन 1930 में : सविनय अवज्ञा आंदोलन हिंदी में

सन 1942 में : भारत छोड़ो आंदोलन हिंदी में

आंदोलनों की विशेषता 

महात्मा गांधी ने जितने भी आंदोलन किये, उन सभी में कुछ बातें एक समान थी, जिनका विवरण निम्नानुसार हैं -:

  • ये आंदोलन हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से चलाये जाते थे.
  • आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधि होने पर गांधीजी द्वारा वह आंदोलन रद्द कर दिया जाता था. यह भी एक कारण था कि हमें आज़ादी कुछ देर से मिली.
  • आंदोलन हमेशा सत्य और अहिंसा की नींव पर किये जाते थे.

महात्मा गांधी का सामाजिक जीवन 

गांधीजी एक महान लीडर तो थे ही, परन्तु अपने सामाजिक जीवन में भी वे ‘सादा जीवन उच्च विचार ’ को मानने वाले व्यक्तियों में से एक थे. उनके इसी स्वभाव के कारण उन्हें लोग ‘महात्मा’ कहकर संबोधित करने लगे थे. गांधीजी प्रजातंत्र [Democracy] के बड़े भारी समर्थक थे. उनके 2 हथियार थे -: ‘सत्य और अहिंसा’. इन्हीं हथियारों के बल पर उन्होंने भारत को अंग्रेजों से आजाद कराया. गांधीजी का व्यक्तित्व कुछ ऐसा था कि उनसे मिलने पर हर कोई उनसे बहुत प्रभावित [इन्फ्लुएंस] हो जाता था.

छुआछूत को दूर करना 

गांधीजी ने समाज में फैली छुआछूत की भावना को दूर करने के लिए बहुत प्रयास किये. उन्होंने पिछड़ी जातियों को ईश्वर के नाम पर ‘हरि – जन’ नाम दिया और जीवन पर्यन्त उनके उत्थान के लिए प्रयासरत रहें.

महात्मा गांधी की मृत्यु, आयु हत्यारे का नाम

30 जनवरी सन 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर महात्मा गांधी की हत्या कर दी गयी थी. उन्हें 3 गोलियां मारी गयी थी और उनके मुँह से निकले अंतिम शब्द थे -: ‘हे राम’. उनकी मृत्यु के बाद दिल्ली में राज घाट पर उनका समाधी स्थल बनाया गया हैं. महात्मा गांधी जी 79 साल की उम्र में वे सभी देश वासियों को अलविदा कहकर चले गए.

महात्मा गांधी पुस्तकें (Mahatma Gandhi Books)

  1. हिन्द स्वराज – सन 1909 में
  2. दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह – सन 1924 में
  3. मेरे सपनों का भारत
  4. ग्राम स्वराज
  5. ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ एक आत्मकथा
  6. रचनात्मक कार्यक्रम – इसका अर्थ और स्थान

आदि और भी पुस्तकें महात्मा गांधी जी द्वारा लिखी गई थी.

गांधीजी की कुछ अन्य रोचक बातें 

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राष्ट्रपिता का ख़िताब (Father of Nation)

महात्मा गांधी को भारत के राष्ट्रपिता का ख़िताब भारत सरकार ने नहीं दिया, अपितु एक बार सुभाषचंद्र बोस ने उन्हें राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था. 

  • गांधीजी की मृत्यु पर एक अंग्रेजी ऑफिसर ने कहा था कि “जिस गांधी को हमने इतने वर्षों तक कुछ नहीं होने दिया, ताकि भारत में हमारे खिलाफ जो माहौल हैं, वो और न बिगड़ जाये, उस गांधी को स्वतंत्र भारत एक वर्ष भी जीवित नहीं रख सका.”
  • गांधीजी ने स्वदेशी आंदोलन भी चलाया था, जिसमें उन्होंने सभी लोगो से विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने की मांग की और फिर स्वदेशी कपड़ों आदि के लिए स्वयं चरखा चलाया और कपड़ा भी बनाया.
  • गांधीजी ने देश – विदेश में कुछ आश्रमों की भी स्थापना की, जिनमें टॉलस्टॉय आश्रम और भारत का साबरमती आश्रम बहुत प्रसिद्द हुआ.
  • गांधीजी आत्मिक शुद्धि के लिए बड़े ही कठिन उपवास भी किया करते थे.
  • गांधीजी ने जीवन पर्यन्त हिन्दू मुस्लिम एकता के लिए प्रयास किया.
  • 2 अक्टूबर को गांधी जी जन्मदिवस पर समस्त भारत में गांधी जयंती मनाई जाती है.

इस प्रकार गांधीजी बहुत ही महान व्यक्ति थे. गांधीजी ने अपने जीवन में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किये, उनकी ताकत सत्य और अहिंसा थी और आज भी हम उनके सिद्धांतों को अपनाकर समाज में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं.

FAQ 

Q : महात्मा गांधी का जन्म कब हुआ ?

Ans : 2 अक्टूबर 1869 को.

Q : महात्मा गांधी के अध्यात्मिक गुरु कौन थे ?

Ans : श्रीमद राजचंद्र जी.

Q : महात्मा गांधी की बेटी का नाम क्या था ?

Ans : राजकुमारी अमृत.

Q : महात्मा गांधी ने देश के लिए क्या किया ?

Ans : भारत को आजादी दिलाने में विशेष योगदान रहा था.

Q : महात्मा गांधी का जन्म कहां हुआ था ?

Ans : गुजरात के पोरबंदर में हुआ था.

Q : महात्मा गांधी की मृत्यु कब हुई ?

Ans : 30 जनवरी 1948 को.

Q : महात्मा गांधी ने कौन सी पुस्तक लिखी थी ?

Ans : हिन्द स्वराज : सन 1909 में.

Q : महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई आत्मकथा क्या है ?

Ans : सत्य से संयोग नामक आत्मकथा महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई है.

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