Bhanwari Devi murder case 2011

Bhanwari Devi murder case: राजस्थान के बहुचर्चित भंवरी देवी अपहरण-हत्या केस में सह आरोपी परसराम विश्नोई को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। परसराम साढ़े 8 साल से ज्यादा समय जेल में बिता चुका है। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस ऋषिकेश रॉय की बैंच ने जमानत के आदेश दिए हैं। इसी के साथ एक बार फिर भंवरी देवी का नाम चर्चा में आ गया। ‌नई पीढ़ी इस कांड के बारे में काफी कम जानती है, मगर जितना सुना उससे भंवरी देवी और उसकी हत्या (Bhanwari Devi murder case) के बारे में जानने की उसमें काफी उत्सुकता है। इसलिए हम यहां पूरा अपडेट दे रहे हैं।

This was Bhanwari Devi murder case highlights

यह था भंवरी देवी हत्याकांड

वर्ष 2011 में राजस्थान की नर्स और लोकगायिका भंवरी देवी गायब हो गई। बाद में पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई है। इस मामले में राजस्थान के पूर्व केबिनेट मंत्री महिपाल सिंह मदेरणा और कांग्रेस विधायक मलखान सिंह विश्नोई पर हत्या का आरोप लगा। बाद में इस मामले (Bhanwari Devi murder case) ने इतना तूल पकड़ा कि जांच का काम सीबीआई को दिया गया।

36 साल की भंवरी देवी पेशे से नर्स थीं जिसका अपहरण करने के बाद मर्डर कर दिया गया था। हत्या के बाद भंवरी देवी का शव जलाकर राख को राजीव गांधी नहर में बहा दिया गया था। इस केस की जांच कर रही एजेंसियों ने दावा किया था कि नहर से कुछ हड्डियों को बरामद किया गया था जो कि भंवरी देवी की ही थीं।

आरोप लगा था कि भंवरी देवी ने महिपाल मदेरणा से 50 लाख रुपयए की मांग की थी, जिनके साथ वह एक अश्लील सीडी में नजर आई थीं। मामला (Bhanwari Devi murder case) सामने आने के बाद राज्य की राजनीति भी गर्मा गई थी और मदेरणा को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। जांच के बाद पुलिस ने तत्कालीन मंत्री महिपाल सिंह मदेरणा और तत्कालीन कांग्रेस विधायक मलखान विश्नोई सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

MLA’s sister had hatched such a conspiracy

सगी ननद की बनानी चाही से** सीडी, एमएलए की बहन ने रची थी ऐसी साजिश

जोधपुर। राजस्थान के हाईप्रोफाइल भंवरी देवी मर्डर केस (Bhanwari Devi murder case) की मास्टर माइंड इंद्रा विश्नोई को 4 साल पहले मध्य प्रदेश के देवास से गिरफ्तार किया गया था। वह साढ़े पांच साल से नर्मदा के किनारे फरारी काट रही थी। आखिर ऐसा क्या किया था इंद्रा विश्नोई ने जो लगभग साढ़े 5 साल से सीबीआई से भागती फिर रही। क्या किया था इंद्रा ने, जो उस पर 5 लाख का इनाम घोषित किया गया। मामला राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का है। राजनीति में बड़ा पद पाने की लालसा की नतीजा ही था बहुचर्चित केस ‘भंवरी देवी से** सीडी और हत्याकांड’

  • दरअसल, राजस्थान के लूणी से कांग्रेस विधायक मलखान सिंह विश्नोई, उन्हीं की पार्टी मंत्री महिपाल सिंह मदेरणा के मित्र थे। इस मित्रता के बीच एक कुर्सी का फासला था। मलखान सिंह जहां एक विधायक थे वहीं महिपाल मदेरणा राजस्थान सरकार में मंत्री थे। मलखान सिंह और उनकी बहन इन्द्रा की ख्वाहिश थी कि मलखान मंत्री बनें, लेकिन कैसे?
  • इसके लिए उन्होंने तय किया कि मदेरणा को किसी तरह कुर्सी से हटाना है और यदि ऐसा होता है तो मलखान के मंत्री बनने का मौका बन जाएगा। विधायक मलखान को मंत्री बनाने की ख्वाहिश में फिर रची गई एक साजिश, जिसकी सूत्रधार बनी खुद मलखान की सगी बहन इन्द्रा। Join Telegram Channel
  • इन्द्रा अपने भाई को मंत्री की कुर्सी पर बैठा देखने के लिए इतनी आतुर थी कि वह दरिंदगी का खेल खेलने से भी बाज न आई। इन्द्रा के शातिर दिमाग में आया कि, क्यों न मदेरणा की से** सीडी बनाकर उसे ब्लैकमेल किया जाए और मंत्री पद से हटने को मजबूर कर दिया जाए।
  • इन्द्रा ने इस से** सीडी के लिए सबसे पहले अपनी सगी ननद से बात की, लेकिन वह राजी न हुई। तब इन्द्रा ने भंवरी को इस काम के लिए तैयार किया, चूंकि भंवरी के मदेरणा और मलखान से नाजा** संबंध थे और फिर कहीं न कहीं भंवरी को भी इसमें भविष्य का फायदा नज़र आ रहा था, इसलिए भंवरी ने यह बात आसानी से मान ली और फिर सोची समझी इस साजिश के तहत मदेरणा और भंवरी की से** सीडी तैयार हो गई।

Who was Bhanwari Devi

कौन थी भंवरी देवी

  • नट जाति की भंवरी देवी जोधपुर जिले के बोरूंदा की रहने वाली थी। उसकी शादी हो चुकी थी। नर्स की नौकरी के साथ ही वह राजस्थानी लोक गीतों के कई एलबम भी बनवा चुकी थी।
  • राजस्थानी फिल्मों की हीरोइन बनने के लिए भटक रही भंवरी देवी अस्पताल से गायब रहने लगी। इसकी शिकायत होने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया।
  • नौकरी पर फिर से बहाल होने के लिए वह कांग्रेस के कद्दावर नेता रामसिंह विश्नोई के पुत्र मलखान से मिली। दोनों की दोस्ती परवान चढ़ने लगी।
  • इन दोनों के रिश्तों से भंवरी ने एक बेटी को भी जन्म दिया। इस दौरान उसके मन में राजनीति में जाने का ख्वाब जाग उठा। उसने मलखान के अलावा दिग्गज कांग्रेस नेता परसराम मदेरणा के पुत्र महिपाल मदेरणा से भी दोस्ती कर ली।

started blackmailing

शुरू कर दी ब्लेकमेलिंग

  • नेताओं से नजदीकी के कारण भंवरी ने विधायक बनने के लिए टिकट की मांग करना शुरू कर दिया। उसकी इस मांग को महिपाल और मलखान ने ठुकरा दिया।
  • सत्ता का सुख भोगने वाली भंवरी की ख्वाहिशें बेलगाम हो गईं थीं। ऐसे में भंवरी ने इन दोनों नेताओं के साथ अपनी से** सीडी बनवा ली।
  • इस सीडी के दम पर भंवरी जब मंत्री महिपाल मदेरणा और विधायक मलखान को धमकाने लगी। इस पर दोनों ने उससे दूरी बनाना शुरू कर दिया।
  • इन दोनों से लम्बे अरसे तक नहीं मिलने से आहत भंवरी जयपुर पहुंच गई और कुछ भाजपा नेताओं से मुलाकात की। साथ ही भंवरी के पास सीडी होने की चर्चा मीडिया (Bhanwari Devi murder case) तक भी पहुंच गई।
  • अचानक मंत्री महिपाल, विधायक मलखान सिंह और भंवरी देवी के बीच तमाम गिले-शिकवे दूर हो गए। तीनों में अब समझौता हो चुका था। इसके बाद फिर से तीनों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई थी।
  • कहते हैं कि मजबूर होकर मदेरणा ने भंवरी देवी को सीडी के बदले 60 लाख रुपए देने का वादा कर लिया था। इसकी पहली किश्त के रूप में वे 10 लाख रुपए का भुगतान भी कर चुके थे।
  • कहा जाता है कि इस पूरे घटनाक्रम (Bhanwari Devi murder case) के पीछे मलखान की बहन इंद्रा विश्नोई की साजिश थी।

Indra was the master mind of the case

इंद्रा ही केस की मास्टर माइंड थी

  • कोर्ट में सामने आई कहानी के अनुसार इंद्रा ही केस की मास्टर माइंड थी।
  • भाई मलखान से उसके रिश्ते को सबसे पहले कबूल करने वाली वही थी, इसलिए उसने भंवरी को भाभी कहना शुरू कर दिया था।
  • इंद्रा जानती थी कि भंवरी के सम्बन्ध मंत्री महिपाल मदेरणा से भी हैं। उसने भंवरी को मदेरणा की सीडी बनाने के लिए तैयार किया और 10 लाख रुपए की उगाही भी करवाई। धीरे-धीरे भंवरी गुर्राने लगी और मलखान के खिलाफ विश्नोई समाज के मेले में जाकर न्याय मांगने की बात कहने लगी, क्योंकि मलखान से सम्बन्ध बनाने पर उसने एक बेटी को जन्म दिया था।
  • इसके बाद इंद्रा ने उसे ठिकाने लगाने का प्लान बना लिया।

Two birds with one stone

एक तीर से दो शिकार

  • इंद्रा ने रिश्तेदार सोहनलाल को उसका धर्मभाई बनवाया और नेताओं की सीडी हथियाकर खुद वसूली की योजनाएं बनाने लगी। वह भंवरी का अपहरण कर एक तीर से दो शिकार करना चाहती थी।
  • सीडी हथियाकर ब्लेकमेलिंग और मदेरणा को मंत्री पद से हटवाकर भाई मलखान को मंत्री बनाने की साजिश (Bhanwari Devi murder case) के तहत उसे अगवाकर विशनाराम की गैंग को सौंप दिया।

महिपाल और मलखान शामिल

  • इंद्रा ने भंवरी के अपहरण की साजिश रच उससे सीडी छीनने की योजना तैयार की। इस योजना में महिपाल और मलखान भी शामिल हो गए।
  • भंवरी ने अगस्त 2011 में अपनी कार बेची थी। उसी का बकाया चार लाख रुपए देने के लिए एक सितम्बर को सोहनलाल नामक व्यक्ति ने भंवरी को फोन कर अपने घर बुलाया।
  • सोहनलाल ने भंवरी का अपहरण कर उसे विशनाराम गैंग को सौंप दिया। विशनाराम की योजना भंवरी को टॉर्चर कर सीडी लेने की थी, लेकिन रास्ते में भंवरी ने विरोध करते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया।
  • ऐसे में उसे चुप कराने के प्रयास में विशनाराम ने भंवरी का गला दबा दिया, जोर से गला दबते ही उसका दम टूट गया।
  • इसके बाद विशनाराम ने भंवरी के शव को जला कर उसकी राख को राजीव गांधी लिफ्ट नहर में बहा दिया।
  • इस प्रकार भंवरी उस दिन पैसे लेने के लिए अपने घर से निकली थी, मगर फिर कभी घर नहीं लौटी। कई दिन तक भंवरी का कोई सुराग (Bhanwari Devi murder case) नहीं मिला।
  • उसके पति अमरचंद ने अपनी बीवी की गुमशुदगी के लिए राजस्थान सरकार के केबिनेट मंत्री महिपाल को जिम्मेदार ठहरा कर सत्ता के गलियारों में हड़कम्प (Bhanwari Devi murder case) मचा दिया।
  • इस मामले को लेकर मचे भूचाल के बाद राज्य सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया। मंत्री महिपाल व विधायक मलखान सहित सोलह लोग गिरफ्तार किए गए।

Bhanwari Devi murder case 2011

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